भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। ग्लासगो में आयोजित हो रहे खेलों में चानू ने रविवार, 26 जुलाई को महिलाओं की 48 किलोग्राम भार वर्ग प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतकर भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया।
मीराबाई चानू ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाया और प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने दूसरे स्थान पर रहीं नाइजीरिया की रूथ न्यॉन्ग को 22 किलोग्राम के बड़े अंतर से हराया।
चानू ने स्नैच के तीसरे प्रयास में 85 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर उन्होंने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। उनका 85 किलोग्राम का स्नैच प्रदर्शन चैंपियनशिप रिकॉर्ड भी बना, जबकि कुल 190 किलोग्राम वजन उठाना भी कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड रहा।
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प्रतियोगिता की शुरुआत में चानू को स्नैच के पहले प्रयास में 82 किलोग्राम वजन उठाने में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने दूसरे और तीसरे प्रयास में 85 किलोग्राम वजन उठाकर शानदार वापसी की। क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहने के बाद उन्होंने अगले प्रयास में वही वजन सफलतापूर्वक उठाकर स्वर्ण पदक पक्का कर लिया।
यह मीराबाई चानू का कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किग्रा वर्ग और 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 49 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
इससे पहले भारत के ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों की 60 किग्रा भारोत्तोलन प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। उन्होंने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाया और दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतकर भारत को पहला पदक दिलाया था।
मीराबाई चानू की इस उपलब्धि से भारतीय खेल जगत में खुशी की लहर है और देश को उनसे आगे भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
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