मोरक्को से स्पेन के छोटे से क्षेत्र सेउटा में हजारों प्रवासियों के पहुंचने के बाद नया सीमा संकट पैदा हो गया है। इस घटना में कम से कम नौ लोगों की मौत की खबर है। बड़ी संख्या में लोग समुद्र के रास्ते तैरकर स्पेन के इस क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पेन सरकार ने सीमा पर सेना तैनात करने का फैसला किया है।
स्पेन सरकार ने कहा कि सशस्त्र बलों को सिविल गार्ड की मदद के लिए भेजा जाएगा, ताकि सेउटा शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके। इसके अलावा स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज शुक्रवार को गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का के साथ सेउटा का दौरा करेंगे।
सीमा सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने स्थिति को बेहद गंभीर बताया है। स्पेन के सिविल गार्ड अधिकारियों के संगठन के प्रमुख राशिद सबीही ने कहा कि स्थिति पूरी तरह अराजक हो गई है और हजारों लोग सीमा पार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सीमा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।
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मोरक्को से लोग आमतौर पर बेहतर आर्थिक अवसरों, गरीबी और क्षेत्रीय अस्थिरता से बचने के लिए स्पेन की ओर पलायन करते हैं। सेउटा और मेलिला जैसे स्पेन के क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति उन्हें यूरोप पहुंचने का एक आसान रास्ता प्रदान करती है।
हालिया प्रवासी संकट को स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कोर्ट ने समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के तुरंत वापस भेजने पर रोक लगाई थी। हालांकि, यह फैसला जमीन के रास्ते प्रवेश करने वालों पर लागू नहीं होता है।
कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि अधिकांश प्रवासियों को इस कानूनी फैसले की जानकारी नहीं होगी, इसलिए इसे पूरी तरह संकट का कारण नहीं माना जा सकता।
स्पेन के अधिकारियों के अनुसार, अब तक प्रवेश करने वाले लोगों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन अनुमान के अनुसार 2,000 से 3,000 लोग सेउटा पहुंचे हैं। यह हाल के वर्षों में क्षेत्र का सबसे बड़ा प्रवासी संकट माना जा रहा है।
स्पेन के गृह मंत्रालय ने कहा कि मोरक्को सरकार स्थिति से निपटने में सहयोग कर रही है और अवैध रूप से प्रवेश करने वाले लोगों की जल्द वापसी के लिए दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
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