मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए मुकाबला अब बेहद दिलचस्प हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मध्य प्रदेश मत्स्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को अपना तीसरा उम्मीदवार घोषित कर दिया है। अब उनका मुकाबला कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन से होगा। भाजपा के इस कदम ने चुनावी समीकरणों को और जटिल बना दिया है।
सूत्रों के अनुसार, महेश केवट भाजपा के अनुभवी संगठनात्मक नेताओं में गिने जाते हैं। वे पहले टीकमगढ़ में जिला उपाध्यक्ष और जिला मंत्री जैसे पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इसके अलावा वे पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से भी जुड़े रहे हैं।
महेश केवट के नाम पर अंतिम मुहर मुख्यमंत्री मोहन यादव के निवास पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लगी। लगभग एक घंटे चली इस बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ संगठनात्मक नेताओं ने चुनावी रणनीति पर चर्चा की। इसके बाद केवट को तीसरा उम्मीदवार बनाने का फैसला किया गया। इससे पहले भाजपा के तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल शनिवार को ही अपना नामांकन दाखिल कर चुके थे।
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भाजपा के तीसरे उम्मीदवार उतारने के फैसले से कांग्रेस खेमे में चिंता बढ़ गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए कांग्रेस अपने विधायकों को तेलंगाना भेजने पर विचार कर रही है, ताकि मतदान तक एकजुटता बनाए रखी जा सके।
230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। भाजपा दो सीटें आसानी से जीत सकती है और उसके पास 48 अतिरिक्त वोट बचते हैं। ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अन्य विधायकों के समर्थन या क्रॉस वोटिंग की जरूरत होगी।
भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए अन्य राज्यों में भी उम्मीदवार घोषित किए हैं। चुनाव 18 जून को होंगे और 10 राज्यों की 24 सीटों पर मतदान कराया जाएगा।
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