गुजरात में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 30 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी करने वाले 56 वर्षीय आरोपी रोशन भूषण शेठ को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए विग पहनता था और अलग-अलग समय पर तीन नामों का इस्तेमाल करता था।
EOW के मुताबिक, शेठ ने महाराष्ट्र और गुजरात में 42 निवेशकों को हर महीने पांच प्रतिशत रिटर्न देने का लालच दिया। कथित धोखाधड़ी से हासिल रकम से उसने लग्जरी फ्लैट, महंगी कारें और कीमती घड़ियां खरीदीं। एजेंसी ने उसे जुलाई में गुजरात के वलसाड स्थित एक आवासीय इमारत से गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी निवेशकों को फर्जी लाभ विवरण भेजता था, ताकि उन्हें विश्वास हो कि उनका पैसा शेयर बाजार में लगाया जा रहा है। एजेंसी के अनुसार, करीब पांच करोड़ रुपये की मूल निवेश राशि जुटाई गई थी, जबकि पीड़ितों द्वारा बताया गया कुल नुकसान लगभग 30.26 करोड़ रुपये है। पीड़ितों में एक एनआरआई महिला भी शामिल है।
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मामला अप्रैल में सामने आया, जब कांदिवली निवासी 60 वर्षीय संजय हीरालाल शाह ने मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती से संपर्क किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार से 10.81 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
जांच के अनुसार, शेठ ने 2020 में शाह के सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे से दोस्ती की थी। उसने ‘इन्वेस्टोक’ नाम का ट्रेडिंग ऐप विकसित करने के बहाने परिवार को निवेश के लिए तैयार किया। बाद में इसी तरीके से अन्य लोगों को भी निवेश के लिए आकर्षित किया। वह सायन और माटुंगा स्थित अपने फ्लैटों में बैठकों के दौरान कथित रूप से हेरफेर की गई एक्सेल शीट दिखाता था।
धोखाधड़ी को जारी रखने के लिए उसने करीब 3.8 करोड़ रुपये छोटी-छोटी ‘मुनाफे’ की किस्तों के रूप में लौटाए। दिसंबर 2025 में उसने भुगतान बंद कर दिया और अप्रैल में गायब हो गया।
तकनीकी निगरानी के जरिए EOW ने वलसाड में उसका ठिकाना खोजा। अधिकारियों ने तीन दिन तक निगरानी रखी और हाउसकीपिंग कर्मचारियों का भेष बनाकर फ्लैट में प्रवेश किया, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, शेठ ने अलग-अलग समय पर जयेश हसमुखभाई शाह, राहुल अतुलभाई पारेख और रोशन भूषण शेठ नाम इस्तेमाल किए। जांच एजेंसी ने BMW, मर्सिडीज, महिंद्रा थार, 14 लग्जरी घड़ियां, 1.67 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 17 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। तीन आवासीय संपत्तियां भी कुर्क की गई हैं।
1 सितंबर को दाखिल आरोपपत्र में 37 गवाहों के नाम हैं। इनमें सैलून कर्मचारी भी शामिल हैं, जो आरोपी की विग की देखभाल करते थे। EOW ने अन्य पीड़ितों से भी सामने आने की अपील की है।
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