मुंबई पुलिस ने शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 23 जुलाई से 6 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है। इस दौरान शहर में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस के अनुसार, शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
यह आदेश महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशन) अकबर पठान द्वारा जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, 23 जुलाई की रात 12:01 बजे से 6 अगस्त की मध्यरात्रि तक मुंबई पुलिस आयुक्तालय के अधिकार क्षेत्र में यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।
जुलूस और लाउडस्पीकर पर भी रोक
पुलिस के आदेश के तहत इस अवधि में बिना अनुमति के जुलूस निकालने, लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल, बैंड-बाजे के साथ जुलूस निकालने तथा पटाखे फोड़ने पर भी रोक रहेगी।
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पुलिस ने बताया कि विभिन्न स्रोतों से सार्वजनिक शांति भंग होने, जन-धन की हानि और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका संबंधी सूचनाएं मिलने के बाद एहतियाती कदम के तौर पर यह निर्णय लिया गया है।
इन आयोजनों को मिलेगी छूट
हालांकि, आदेश में कुछ गतिविधियों को प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। इनमें विवाह समारोह और उनसे जुड़े कार्यक्रम, अंतिम संस्कार और शवयात्राएं, कंपनियों, क्लबों और सहकारी समितियों की वैधानिक बैठकें, क्लबों और सामाजिक संगठनों की नियमित बैठकें तथा सिनेमाघरों, थिएटरों और अन्य सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों पर होने वाले आयोजन शामिल हैं।
इसके अलावा न्यायालयों, सरकारी कार्यालयों और स्थानीय निकायों में आधिकारिक कार्यों के लिए होने वाली बैठकों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों की शैक्षणिक गतिविधियों, कारखानों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमित कामकाज पर भी यह आदेश लागू नहीं होगा।
जोनल पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) या उनके वरिष्ठ अधिकारियों से पूर्व अनुमति प्राप्त जुलूस और सभाओं को भी इस प्रतिबंध से छूट दी जाएगी।
मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी मामले की जांच प्रतिबंध समाप्त होने के बाद भी जारी रहती है, तो भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकेगी।
पुलिस ने कहा कि इस आदेश की जानकारी सार्वजनिक स्थानों, न्यायालयों, सरकारी कार्यालयों और मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि नागरिक समय रहते आवश्यक सावधानी बरत सकें।
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