भारत में 7 बुलेट ट्रेन परियोजना: संसद समिति ने भूमि अधिग्रहण पर क्या कहा
भारत में 7 बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और कानूनी मंजूरियों को समय से पूरा करने का सुझाव संसद समिति ने दिया, ताकि परियोजनाओं का शीघ्र निष्पादन हो सके।
भारत में 7 बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए हाल ही में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देशभर में सात उच्च गति रेलवे गलियारों के निर्माण की घोषणा की। ये गलियारे हैं: मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुरी। इसके साथ ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन नेटवर्क का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।
फरवरी में, इन सात उच्च गति रेलवे परियोजनाओं की त्वरित कार्यान्वयन की जिम्मेदारी नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को सौंपी गई थी। रेलवे बोर्ड ने NHSRCL को पहले से तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को संशोधित करने का निर्देश दिया है।
संसद की स्थायी समिति ने भूमि अधिग्रहण और अन्य वैधानिक मंजूरियों के बारे में एक रिपोर्ट में मंत्रालय से आग्रह किया है कि परियोजनाओं को मंजूरी देने से पहले भूमि अधिग्रहण और सभी कानूनी मंजूरियां पूरी की जाएं। इससे समय पर निष्पादन और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सकेगी।
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यह सुझाव परियोजना के सफल और शीघ्र निष्पादन के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि सभी सात बुलेट ट्रेन परियोजनाओं को योजना के अनुसार समय पर पूरा किया जा सके।
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