अमित शाह ने बताया केरल में बीजेपी की रणनीति, तीन सूत्रीय एजेंडा: मिशन केरलम पर एक नजर
अमित शाह ने कहा कि केरल में भाजपा का बढ़ता समर्थन ‘मिशन केरलम’ की सफलता का संकेत है और स्थानीय निकाय चुनावों की जीत राज्य में सरकार बनाने की नींव है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की भविष्य की रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में पार्टी का बढ़ता जनाधार इस बात का संकेत है कि आने वाले विधानसभा चुनावों के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार बनाएगा। उन्होंने पार्टी के नव-निर्वाचित स्थानीय निकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए ‘मिशन केरलम’ के तहत भाजपा की तीन सूत्रीय कार्ययोजना का खाका पेश किया।
अमित शाह ने कहा, “आज तिरुवनंतपुरम में भाजपा का मेयर है। कल केरल में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में मिली सफलता पार्टी के लिए केवल एक शुरुआत है और यह राज्य में सरकार बनाने की दिशा में एक अहम पड़ाव है। उनके अनुसार, केरल की जनता अब वैकल्पिक राजनीति की ओर देख रही है और भाजपा को तेजी से समर्थन मिल रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केरल में जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना, विकास और सुशासन के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना तथा जनता के बीच वैचारिक पहुंच को व्यापक बनाना है। उन्होंने इसे पार्टी का तीन सूत्रीय एजेंडा बताया, जिसमें संगठन विस्तार, जनसंपर्क और विकास आधारित राजनीति शामिल है।
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अमित शाह ने स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें और केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अच्छा काम ही विधानसभा चुनावों में पार्टी की सफलता की नींव बनेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि केरल में भाजपा के प्रति जो माहौल बन रहा है, वह बदलाव का संकेत है। पार्टी का मानना है कि वाम और कांग्रेस के लंबे शासन से जनता अब नई राजनीतिक दिशा चाहती है। शाह ने विश्वास जताया कि आने वाले महीनों में भाजपा का संगठन और मजबूत होगा और विधानसभा चुनावों में पार्टी ऐतिहासिक प्रदर्शन करेगी।
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