जुलाई अंत तक वित्तीय घाटा पूरे वर्ष के लक्ष्य का 29.9%: सीजीए डेटा
जुलाई 2025 तक वित्तीय घाटा वार्षिक लक्ष्य का 29.9% पहुँचा। केंद्र ने 2025-26 में 4.4% GDP या ₹15.69 लाख करोड़ घाटे का अनुमान लगाया है।
केंद्रीय महालेखा नियंत्रक (CGA) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 के अंत तक केंद्र का वित्तीय घाटा पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट लक्ष्य का 29.9% तक पहुँच गया है।
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए वित्तीय घाटे का अनुमान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.4% पर लगाया है, जो कि ₹15.69 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। वित्तीय घाटा सरकार के कुल व्यय और कुल राजस्व के बीच के अंतर को दर्शाता है, और इसे पूरा करने के लिए सरकार को ऋण लेना पड़ता है।
वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच राजस्व संग्रह अपेक्षाकृत संतुलित रहा है, जबकि पूंजीगत व्यय में वृद्धि दर्ज की गई है। इससे सरकार को बुनियादी ढांचे के विकास परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने में मदद मिल रही है। हालांकि, आय-व्यय के अंतर को नियंत्रित रखने के लिए कर संग्रह बढ़ाने और गैर-कर राजस्व में सुधार की आवश्यकता बताई जा रही है।
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आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि वित्तीय घाटे के मौजूदा स्तर को देखते हुए वर्ष के शेष महीनों में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। यदि सरकार अपने व्यय को नियंत्रित रखती है और राजस्व संग्रह को मजबूत करती है, तो 4.4% के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करना संभव हो सकता है।
CGA द्वारा जारी किए गए आंकड़े यह भी संकेत देते हैं कि केंद्र सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूंजीगत निवेश और सामाजिक क्षेत्र पर व्यय को बढ़ा रही है, ताकि विकास दर को गति दी जा सके।
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