हेमंत सोरेन को हाई कोर्ट से राहत नहीं, मनी लॉन्ड्रिंग केस में आगे बढ़ेगी कार्रवाई
झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्यवाही रोकने की मांग खारिज कर दी। रांची की विशेष अदालत में 19 सितंबर को आरोप तय होंगे।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की उनकी मांग खारिज कर दी। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
हेमंत सोरेन ने ईसीआईआर केस नंबर 6/2023 में आगे की कार्रवाई रोकने की मांग की थी। उनकी ओर से दलील दी गई थी कि उनके खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सरकारी मंजूरी नहीं ली गई है। उन्होंने पुराने कानून के तहत सीआरपीसी की धारा 197 के प्रावधानों का हवाला दिया। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस दलील का विरोध किया।
अदालत ने कहा कि केवल मंजूरी के मुद्दे के आधार पर फिलहाल पूरी न्यायिक कार्यवाही पर रोक लगाना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिम राहत पर की गई टिप्पणियां अंतिम फैसला नहीं हैं और निचली अदालत मामले की सुनवाई कानून के अनुसार स्वतंत्र रूप से करेगी।
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19 सितंबर को आरोप तय करने पर सुनवाई
रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में मामले में 19 सितंबर 2026 को आरोप तय करने की प्रक्रिया पर सुनवाई निर्धारित है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद निचली अदालत में यह कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका को विशेष अदालत ने पहले 8 जून 2026 को खारिज कर दिया था।
8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा मामला
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित अवैध अधिग्रहण और दस्तावेजों में हेरफेर के आरोपों से संबंधित है। ईडी ने इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं। हेमंत सोरेन ने विशेष अदालत के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। अब उनकी संबंधित याचिकाओं पर आगे की सुनवाई 14 अक्टूबर 2026 को होनी है।
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