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होर्मुज़ संकट के बीच सरकार सतर्क, पेट्रोल-डीजल और LPG आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम

होर्मुज़ जलडमरूमध्य संकट के बीच सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए और लोगों से घबराकर खरीदारी न करने की अपील की।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने के बीच केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें।

तेल मंत्रालय के अनुसार, देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल के स्टॉक भी पूरे देश में पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। हालांकि कुछ राज्यों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिली, जिससे अस्थायी रूप से मांग बढ़ गई।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। साथ ही डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर निर्यात शुल्क लगाया गया है, ताकि घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा सके।

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गैस क्षेत्र में घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और सीएनजी की 100% आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जबकि औद्योगिक उपभोक्ताओं को लगभग 80% गैस मिल रही है।

एलपीजी की आपूर्ति भी सामान्य बनी हुई है और किसी तरह की कमी की सूचना नहीं है। प्रतिदिन 55 लाख से अधिक सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 2,900 छापे मारे और 1,000 सिलेंडर जब्त किए हैं।

राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थिति पर नजर रखें, रोजाना जानकारी साझा करें और अफवाहों पर रोक लगाएं। सरकार ने दोहराया है कि ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

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