ओडिशा में अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, भारत की सामरिक ताकत हुई और मजबूत
भारत ने ओडिशा के चांदीपुर परीक्षण केंद्र से अग्नि-1 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण ने सभी तकनीकी और परिचालन मानकों को सफलतापूर्वक प्रमाणित किया।
भारत ने शुक्रवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से कम दूरी की परमाणु क्षमता वाली ‘अग्नि-1’ बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह परीक्षण सामरिक बल कमान (स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड - एसएफसी) की निगरानी में किया गया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, परीक्षण के दौरान मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों का सफल सत्यापन किया गया। मंत्रालय ने बयान में कहा कि अग्नि-1 मिसाइल ने निर्धारित सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया और इसकी कार्यक्षमता पूरी तरह संतोषजनक रही।
‘अग्नि-1’ मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। यह मिसाइल 700 से 1,200 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम है। भारत समय-समय पर सामरिक बल कमान में शामिल मिसाइलों का नियमित परीक्षण करता रहता है, ताकि उनकी क्षमता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।
इससे पहले मई महीने की शुरुआत में भारत ने ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से उन्नत अग्नि मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया था। उस परीक्षण में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (एमआईआरवी) प्रणाली का इस्तेमाल किया गया था। इस तकनीक की मदद से एक ही मिसाइल कई अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कई वारहेड दाग सकती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर डीआरडीओ, भारतीय सेना और सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एमआईआरवी तकनीक भारत की सामरिक तैयारियों को और मजबूत करेगी तथा बढ़ते सुरक्षा खतरों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।