कर्नाटक हाईकोर्ट ने लग्ज़री कार मालिक के खिलाफ जांच पर रोक लगाई, RTO इंस्पेक्टर को अवैध जब्ती पर फटकार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने Lamborghini मालिक के खिलाफ जांच पर रोक लगाई और RTO इंस्पेक्टर को अवैध जब्ती के लिए फटकार लगाई, वाहन की रिहाई के लिए आवेदन दाखिल किया जाएगा।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बेंगलुरु में एक लग्ज़री Lamborghini Huracan Evo के मालिक के खिलाफ दर्ज मामले की जांच पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह मामला उस समय सामने आया जब आरोप है कि वाहन के पंजीकरण के दौरान दस्तावेज़ों में फ़र्जीवाड़ा और RTO में धोखाधड़ी की गई, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।
7 फरवरी को एक वरिष्ठ मोटर वाहन निरीक्षक ने इस Lamborghini को जब्त कर मालिक के गैराज से हटा लिया। इसके बाद कोडिगेहल्ली पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336 और 3(5) के तहत फ़र्ज़ी दस्तावेज़ और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।
हाईकोर्ट के जस्टिस M. नागप्रसन्ना ने कार के मालिक और Hi Car Care के प्रतिनिधि, जे. रामकृष्णैया को यह अनुमति दी कि वे मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाहन की रिहाई के लिए आवेदन दाखिल कर सकते हैं। न्यायाधीश ने कहा, "मजिस्ट्रेट कोर्ट इस आवेदन को कानून के अनुसार निपटाएगी।"
इस निर्णय के बाद Lamborghini मालिक फिलहाल अपनी कार के कब्जे से राहत पा सकते हैं, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। कोर्ट ने RTO इंस्पेक्टर को अवैध जब्ती और प्रक्रिया में खामियों के लिए फटकार लगाई।
मामला यह दर्शाता है कि उच्च न्यायालय ने न केवल वाहन मालिक के अधिकारों की रक्षा की है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी क़ानूनी दायरे में रहने की चेतावनी दी है। अब मालिक को मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाहन रिहाई के लिए आवेदन करना होगा, और अदालत इसे कानूनी नियमों के तहत निपटाएगी।
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