दिल्ली-मुंबई मार्ग पर ट्रेन सुरक्षा में सुधार: वडोदरा-नागदा सेक्शन में कवच 4.0 का उद्घाटन
वडोदरा-नागदा सेक्शन में कवच 4.0 लागू करने से दिल्ली-मुंबई मार्ग पर ट्रेन सुरक्षा बढ़ी, टकराव और अधिक गति की घटनाओं को रोकने में मदद मिली।
भारतीय रेलवे ने दिल्ली-मुंबई मार्ग पर वडोदरा-नागदा सेक्शन में स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, कवच 4.0 को सफलतापूर्वक कमीशन किया है। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाने और रेल परिचालन को अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
कवच प्रणाली मुख्य रूप से ट्रेन की टकराव और अधिक गति से चलने की घटनाओं को रोकने के लिए विकसित की गई है। इसके लागू होने से ट्रेन संचालन में सुरक्षा स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा। वडोदरा-नागदा सेक्शन पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) क्षेत्राधिकार में आता है और इस पर कुल 224.51 मार्ग किलोमीटर पर कवच 4.0 को लागू किया गया है। इसमें वडोदरा से मंगलमहूदी तक 122.5 आरकिमी और पंचपिपलिया से नागदा तक 102.01 आरकिमी शामिल हैं।
मंगलमहूदी–पंचपिपलिया सेक्शन पर कार्य प्रगति पर है और इसे जल्द ही ऑटोमेटिक सिग्नलिंग के साथ पूरा कर लिया जाएगा। कवच प्रणाली के लागू होने से न केवल रेल हादसों की संभावना कम होगी, बल्कि समय पर ट्रेन संचालन और यात्रियों के लिए भरोसेमंद सेवाएं सुनिश्चित होंगी।
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रेल मंत्रालय ने कहा कि इस परियोजना से दिल्ली-मुंबई प्रमुख मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिचालन की दक्षता दोनों बढ़ेंगी। भविष्य में पूरे देश में कवच प्रणाली को और अधिक रेल मार्गों पर विस्तार देने की योजना है।
यह परियोजना भारतीय रेलवे की तकनीकी प्रगति और स्वदेशी समाधान की क्षमता को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कवच 4.0 लागू होने से भारतीय रेलवे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा मानकों के करीब पहुंच गया है।
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