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मध्य पूर्व संकट के बीच पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, मई में तीसरी बार बढ़े दाम

मध्य पूर्व तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच मई में तीसरी बार पेट्रोल-डीजल महंगे हुए। देश के कई शहरों में ईंधन दरों में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया।

मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई। मई महीने में यह तीसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। इससे पहले 19 मई को भी करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि 16 मई को केंद्र सरकार ने ईंधन कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा किया था।

नई दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपये और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कोलकाता में पेट्रोल 110.64 रुपये और डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 108.49 रुपये तथा डीजल 95.02 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 105.31 रुपये और डीजल 96.98 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता तथा मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड का भाव 104 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

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सरकारी तेल विपणन कंपनियां लंबे समय तक बढ़ती वैश्विक कीमतों के बावजूद घरेलू दरों को स्थिर रखे हुए थीं। केंद्र सरकार के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को हर महीने लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी वजह से अब कंपनियां धीरे-धीरे बढ़ती लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक संकटों के बावजूद भारत ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बिना किसी कमी के बनाए रखी है। उन्होंने दावा किया कि मजबूत नीतियों और बेहतर प्रबंधन के कारण देश ऊर्जा संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है।

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