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सिंगूर से चुनावी संदेश: ममता की सत्ता तक पहुंच से जुड़े स्थल से मोदी का बंगाल को बड़ा प्री-पोल संकेत

प्रधानमंत्री मोदी सिंगूर से बंगाल चुनाव का संदेश देंगे। भाजपा टीएमसी की औद्योगिक नीतियों और नैनो परियोजना के मुद्दे को उठाकर विकास और घुसपैठ को चुनावी मुद्दा बना रही है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना चुनावी अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सिंगूर में एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित करने वाले हैं। सिंगूर वही स्थान है, जो कभी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के राजनीतिक उभार और सत्ता तक पहुंच का प्रतीक माना गया था। ऐसे में प्रधानमंत्री का यहीं से बड़ा चुनावी संदेश देना कई राजनीतिक संकेत देता है।

भाजपा बंगाल चुनावों से पहले टीएमसी सरकार की कथित “विफल” औद्योगिक नीति को मुद्दा बनाने की तैयारी में है। पार्टी 2008 में टाटा नैनो परियोजना के सिंगूर से हटने के मामले को फिर से उठाकर ममता बनर्जी के आंदोलन और उसके बाद राज्य में औद्योगिक निवेश पर पड़े असर को रेखांकित करना चाहती है। भाजपा का आरोप है कि टीएमसी सरकार ने उद्योगों को हतोत्साहित किया, जिससे राज्य का विकास प्रभावित हुआ।

सिंगूर में रैली से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को मालदा में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सीमा पार से हो रही घुसपैठ को एक प्रमुख मुद्दा बताया और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। भाजपा जहां घुसपैठ और कानून-व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बना रही है, वहीं विकास को भी अपने चुनावी एजेंडे का केंद्र बनाने की कोशिश कर रही है।

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भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि सिंगूर को टीएमसी सरकार की नीतिगत विफलताओं के “प्रतीक” के रूप में पेश कर वह मतदाताओं को यह संदेश देना चाहती है कि राज्य में रोजगार और उद्योगों के अवसर खत्म हुए हैं। मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री की यह रैली बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ने वाली मानी जा रही है।

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