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पूर्व और पूर्वोत्तर के विकास पर विशेष जोर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि अब पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के विकास पर विशेष जोर है, जहां सड़क, रेल, स्वास्थ्य और उद्योग के जरिए इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार (28 जनवरी, 2026) को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश की प्रगति कुछ चुनिंदा शहरों और क्षेत्रों तक सीमित रही, लेकिन अब पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के तीव्र विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के वंचित और पिछड़े क्षेत्रों की संभावनाओं को ‘विकसित भारत’ की ताकत बनाना है।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने मिजोरम की राजधानी आइजोल में पहली बार राजधानी एक्सप्रेस के पहुंचने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षण पर स्थानीय लोगों में दिखा उत्साह पूरे देश के लिए खुशी का कारण बना। राष्ट्रपति ने कहा कि आज देश के वे क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं, जिन्हें पहले पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाए थे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘पूर्वोदय’ की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वी भारत के तेज विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा के समुद्री क्षेत्रों में प्रगति के नए अवसर सामने आ रहे हैं। साथ ही, पूर्वोत्तर भारत भी अब विकास की मुख्यधारा में तेजी से एकीकृत हो रहा है।

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उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि यह महान संत श्रीमंत शंकरदेव की भूमि है और जल्द ही यहां निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स दुनिया भर के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए अहम साबित होंगे। पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में 7,200 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है, जिससे दूरदराज, पहाड़ी, आदिवासी और सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 50,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है, जिससे बाजारों, अस्पतालों और स्कूलों तक पहुंच आसान हुई है। राष्ट्रपति ने बताया कि बीते 11 वर्षों में पूर्वोत्तर रेलवे विकास के लिए 80,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है और अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा व मिजोरम की राजधानियां अब ब्रॉडगेज रेल लाइन से जुड़ चुकी हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि ईटानगर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, असम के शिवसागर में मेडिकल कॉलेज, सिक्किम के सिचे में मेडिकल कॉलेज और अगरतला में महिला एवं बाल अस्पताल की स्थापना से क्षेत्र में मजबूत स्वास्थ्य ढांचा तैयार हो रहा है।

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