हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर राहुल गांधी नाराज, नेताओं की सोशल मीडिया सक्रियता पर मांगी निगरानी रिपोर्ट
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की नाराजगी के बाद राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं की सोशल मीडिया सक्रियता की नियमित निगरानी और आधिकारिक मुद्दों के समर्थन की रिपोर्ट मांगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं के बीच सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की कमी पर नाराजगी जताई है। बुधवार, 20 अगस्त 2026 को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बंद कमरे में बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में आयोजित कथित ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर पार्टी नेताओं की चुप्पी पर अपनी नाराजगी जाहिर की। खड़गे ने कहा कि जब इस घटना को लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई, तब पार्टी के कई नेताओं ने उनका साथ नहीं दिया और इस मुद्दे को प्रमुखता से नहीं उठाया।
इसके बाद राहुल गांधी ने पार्टी के सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत से कहा कि नेताओं की सक्रियता पर नियमित रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए। रिपोर्ट में यह देखा जाए कि पार्टी के आधिकारिक रुख और महत्वपूर्ण मुद्दों को कितने नेता सोशल मीडिया पर आगे बढ़ा रहे हैं और कितने नेता ऐसा नहीं कर रहे हैं।
और पढ़ें: छात्रों की भूख हड़ताल खत्म होने पर राहुल गांधी बोले- सवाल उठाएं तो जवाब मिलना चाहिए
राहुल गांधी की इस पहल को पार्टी के भीतर नेताओं की राजनीतिक और सोशल मीडिया सक्रियता बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के आधिकारिक रुख को ज्यादा प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
छात्रों के प्रदर्शन पर भी मतभेद
सीडब्ल्यूसी की बंद कमरे में हुई बैठक में छात्रों के हालिया प्रदर्शनों को लेकर भी वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी और राहुल गांधी के बीच मतभेद सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इस चर्चा के विस्तृत ब्योरे सामने नहीं आए हैं।
बैठक में पार्टी के भीतर मुद्दों को लेकर एकजुटता और नेताओं की सार्वजनिक भूमिका पर चर्चा ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।
हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने भी पार्टी के भीतर नेतृत्व और नेताओं की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। राहुल गांधी की ओर से मांगी गई नियमित रिपोर्ट के जरिए अब पार्टी नेतृत्व यह आकलन कर सकेगा कि कौन से नेता कांग्रेस के आधिकारिक संदेश को जनता तक पहुंचाने में सक्रिय हैं।
और पढ़ें: राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट में संपत्ति मामले की सुनवाई टली