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रूस का एक्वा टाइटन तेल टैंकर मैंगलुरु पहुंचा, चीन से भारत की ओर मोड़ा गया रास्ता

रूस का ‘एक्वा टाइटन’ टैंकर चीन से मोड़कर भारत पहुंचा। मध्य पूर्व तनाव के बीच भारत ने सस्ते रूसी तेल की खरीद बढ़ाई, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है।

वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच रूस का तेल टैंकर ‘एक्वा टाइटन’ भारत पहुंच गया है। एक्वा टाइटन शनिवार शाम न्यू मैंगलुरु बंदरगाह पर पहुंचा, जिसे मूल रूप से चीन जाना था, लेकिन अब उसका मार्ग बदलकर भारत की ओर कर दिया गया। यह ऐसे कई जहाजों में पहला है, जिन्हें अब भारत की ओर मोड़ा जा रहा है।

यह टैंकर फिलहाल समुद्र में लंगर डाले हुए है और इसमें मौजूद कच्चे तेल को पाइपलाइन के जरिए रिफाइनरी तक पहुंचाया जाएगा।

दरअसल, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव बढ़ गया है। पारंपरिक आपूर्ति मार्गों में अनिश्चितता के चलते भारत ने रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल की खरीद बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम सात टैंकर जो पहले चीन के लिए रवाना हुए थे, अब भारत की ओर मोड़े जा रहे हैं।

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‘एक्वा टाइटन’ ने भी दक्षिण-पूर्व एशिया में अपना मार्ग बदल लिया था, जबकि उसका गंतव्य पहले चीन का एक बंदरगाह था। भारतीय रिफाइनरियों ने कम कीमतों का लाभ उठाते हुए खरीद बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि सिर्फ एक सप्ताह में भारत ने लगभग 3 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल खरीदा है।

अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण तेल परिवहन मार्गों में अस्थिरता आई है। ऐसे में भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए रणनीतिक रूप से खरीदारी कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रुझान जारी रहता है, तो क्षेत्रीय तेल व्यापार के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और भारत चीन से आगे निकल सकता है।

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