ठाणे जिले में 18 जनवरी को लगेगा शिविर, 300 दिव्यांगों को निःशुल्क मिलेंगे कृत्रिम अंग
ठाणे जिले के डोंबिवली में 18 जनवरी को शिविर लगेगा, जहां 300 दिव्यांगों को हल्के, आधुनिक और निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरित किए जाएंगे।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 18 जनवरी 2026 (रविवार) को एक विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में करीब 300 जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग (प्रोस्थेटिक लिम्ब्स) वितरित किए जाएंगे। यह शिविर डोंबिवली में आयोजित होगा और इसका उद्देश्य दिव्यांगों व अंगविच्छेदन से प्रभावित लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
स्वैच्छिक संगठन ने बताया कि इस शिविर में वितरित किए जाने वाले सहायक उपकरण अत्याधुनिक तकनीक से बने हैं। ये कृत्रिम अंग ऑटो-फोल्डेबल, उपयोग में आसान और पारंपरिक उपकरणों की तुलना में लगभग आधे वजन के हैं। हल्के और टिकाऊ होने के कारण इनका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से लाभकारी साबित होगा।
इन कृत्रिम अंगों की मदद से दिव्यांगजन और अंगविच्छेदन से प्रभावित लोग सामान्य दैनिक गतिविधियां कर सकेंगे। इनमें चलना, दौड़ना, तैरना, कूदना, बाइक चलाना और खेती जैसे कार्य शामिल हैं। इससे न केवल उनकी शारीरिक क्षमता में सुधार होगा, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी भी बढ़ेगी।
यह शिविर भारत विकास परिषद द्वारा दिव्यांग केंद्र, पुणे के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। दिव्यांग केंद्र पिछले 25 वर्षों से सक्रिय है और अब तक 25,000 से अधिक लोगों को कृत्रिम अंग प्रदान कर चुका है। संगठन के एक अधिकारी ने बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों तक आधुनिक सहायक उपकरण पहुंचाना है, ताकि वे सम्मानजनक और स्वतंत्र जीवन जी सकें।
आयोजकों ने बताया कि शिविर के दौरान विशेषज्ञों की टीम मौजूद रहेगी, जो लाभार्थियों की जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंगों का माप लेकर उन्हें फिट करेगी। इस पहल को सामाजिक सहयोग और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है, जो दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित होगा।
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