यंत्र इंडिया लिमिटेड को मिला मिनीरत्न-I दर्जा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मंजूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यंत्र इंडिया लिमिटेड को मिनीरत्न-I दर्जा देने को मंजूरी दी, जिससे कंपनी को अधिक स्वायत्तता और रक्षा विनिर्माण में स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार (2 फरवरी 2026) को रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (डीपीएसयू) यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा प्रदान करने को मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि रक्षा मंत्री ने सरकारी संगठन से लाभ कमाने वाली कॉरपोरेट इकाई बनने की दिशा में कंपनी के तेज़ और सफल परिवर्तन की सराहना की है।
मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह ने पिछले चार वर्षों में यंत्र इंडिया लिमिटेड की उल्लेखनीय प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने न केवल अपने कारोबार (टर्नओवर) में वृद्धि की है, बल्कि स्वदेशीकरण को अधिकतम करने और मिनीरत्न-I दर्जे के लिए आवश्यक प्रदर्शन मानकों को भी सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह उपलब्धि भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यंत्र इंडिया लिमिटेड का प्रमुख उत्पाद पोर्टफोलियो रक्षा क्षेत्र की कई अहम जरूरतों को पूरा करता है। इसमें कार्बन फाइबर कंपोज़िट्स, मध्यम और बड़े कैलिबर के गोला-बारूद के लिए असेंबली उत्पाद, बख्तरबंद वाहन, तोपखाना प्रणालियां, मुख्य युद्धक टैंक, ग्लास कंपोज़िट्स और एल्यूमिनियम अलॉय शामिल हैं। ये उत्पाद भारतीय सशस्त्र बलों के साथ-साथ निर्यात संभावनाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
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मिनीरत्न-I का दर्जा मिलने से यंत्र इंडिया लिमिटेड को वित्तीय और परिचालन निर्णयों में अधिक स्वायत्तता मिलेगी। इससे कंपनी को नए निवेश करने, तकनीकी उन्नयन और अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों को तेज़ करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह निर्णय ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के सरकार के प्रयासों को भी मजबूती देगा।
रक्षा मंत्रालय का मानना है कि यंत्र इंडिया लिमिटेड की यह उपलब्धि अन्य रक्षा पीएसयू के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगी और भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में सहायक होगी।
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