बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया की भी पूरी तरह समीक्षा करने की मांग की।
पटनायक की यह प्रतिक्रिया चुनाव आयोग के तीन सदस्यों के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े विभिन्न फैसलों और निर्देशों पर कथित मतभेद की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद आई। रिपोर्ट में नाम जोड़ने और हटाने, नए मतदाताओं के फॉर्म में बदलाव तथा मतदाता डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया है।
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में पटनायक ने कहा कि चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच मतभेदों के मद्देनजर सीईसी को इस्तीफा देना चाहिए और एसआईआर प्रक्रिया की दोबारा गहन समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजद शुरुआत से ही एसआईआर का विरोध करता रहा है और पार्टी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी।
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रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति जताई थी।
हालांकि, ओडिशा भाजपा महासचिव बिरंची नारायण त्रिपाठी ने बीजद और कांग्रेस पर अखबार की रिपोर्ट के आधार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी दलों के पास तथ्यात्मक प्रमाण हैं तो उन्हें चुनाव आयोग या सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखना चाहिए।
बीजद ने पटनायक के बयान का बचाव करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। पार्टी नेताओं ने ओडिशा में लाखों पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा भी किया है, हालांकि इन आंकड़ों पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद हैं।
भाजपा ने कहा कि एसआईआर से संबंधित मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं और प्रक्रिया की वैधता पर न्यायिक विचार हो चुका है। चुनाव आयोग ने भी कहा है कि निर्णय प्रक्रिया में विचार-विमर्श और अलग-अलग राय होना सामान्य है तथा अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
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