नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसद विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। एनडीए सांसद मंगलवार को संसद परिसर में पोस्टर लेकर मार्च करेंगे। यह मार्च संसद के मकर द्वार की ओर निकाला जाएगा। सांसदों के हाथों में मौजूद पोस्टरों के जरिए विपक्ष पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर संसद में चर्चा से बचने का आरोप लगाया जाएगा।
एनडीए सांसदों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और उससे जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष इस विषय पर चर्चा से पीछे हट रहा है। सत्तापक्ष इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष को घेरने की रणनीति बना रहा है।
संसद में विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार गतिरोध देखने को मिल रहा है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार से जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का आरोप है कि विपक्ष सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहा है।
और पढ़ें: जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- अराजकता फैलाना चाहते हैं, सदन में चर्चा से न भागें
एनडीए सांसदों का यह मार्च ऐसे समय में हो रहा है, जब छात्रों से जुड़े विरोध-प्रदर्शन और शिक्षा एवं भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बने हुए हैं। सत्तापक्ष का प्रयास है कि वह छात्रों के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाए।
पोस्टरों के जरिए एनडीए सांसद यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष ही बहस से बच रहा है। संसद परिसर में होने वाले इस मार्च के कारण सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि विपक्ष एनडीए के इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया देता है और संसद में छात्रों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा आगे बढ़ पाती है या नहीं।
और पढ़ें: लोकसभा में बिना बहस पारित हुआ न्यायाधिकरण सुधार विधेयक 2026, जानिए क्या होंगे बड़े बदलाव