भारत के रिकर्व तीरंदाज नीरज चौहान ने शनिवार को एशियन गेम्स 2026 में पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित खेलों में नीरज ने हमवतन धीरज बोम्मदेवरा को 6-4 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
इस जीत के साथ नीरज चौहान एशियन गेम्स में पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले तरुणदीप राय ने 2010 में इस स्पर्धा में भारत के लिए पदक जीता था। इस तरह पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व में भारत को 16 साल बाद पदक मिला है।
कांस्य पदक मुकाबले में नीरज ने शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया। पहले सेट में धीरज ने अपने पहले तीर से सात अंक हासिल किए, जिसका फायदा नीरज ने उठाया। नीरज ने दो 10 और एक नौ अंक का निशाना लगाकर शुरुआती बढ़त बना ली।
और पढ़ें: एशियन गेम्स 2026: भारत ने टॉस जीता, पाकिस्तान के खिलाफ पहले बल्लेबाजी का फैसला
इसके बाद नीरज ने अगले दो सेटों में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने दूसरा सेट 28-27 और तीसरा सेट 29-28 से अपने नाम किया। इससे नीरज को मुकाबले में 4-2 की बढ़त मिल गई।
हालांकि, धीरज ने चौथे सेट में वापसी की कोशिश की। नीरज ने दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 30-28 से यह सेट जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इसके बाद निर्णायक स्थिति में नीरज ने धैर्य बनाए रखा और 6-4 से मुकाबला जीतकर कांस्य पदक पक्का किया।
नीरज की यह उपलब्धि एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजी के लिए महत्वपूर्ण रही। वहीं, धीरज को कांस्य पदक मुकाबले में हार के बावजूद मजबूत प्रदर्शन के लिए जाना जाएगा।
और पढ़ें: एशियन गेम्स 2026: स्वर्ण पदक के लिए भारत-पाकिस्तान आमने-सामने, खिताब बचाने उतरेगी टीम इंडिया