उत्तर प्रदेश में विकसित किए जा रहे न्यू नोएडा को यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। नोएडा प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सुगम यातायात और आधुनिक बुनियादी ढांचे की तैयारियां शुरू कर दी हैं। न्यू नोएडा का विकास दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों की भूमि पर किया जाएगा। आधिकारिक दस्तावेजों में इस क्षेत्र को "दादरी-नोएडा-गाजियाबाद स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन" नाम दिया गया है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईडा) को पत्र लिखकर प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे पर न्यू नोएडा क्षेत्र के लिए एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाने की मांग की जाएगी। इसके बाद यह क्षेत्र जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ जाएगा।
मास्टर प्लान-2041 के तहत न्यू नोएडा के चारों ओर 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड विकसित की जाएगी। यह सड़क शहर की मुख्य परिवहन धुरी होगी और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात दबाव को ध्यान में रखकर डिजाइन की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह सड़क नेटवर्क आने वाले कई दशकों तक शहर की जरूरतों को पूरा करेगा।
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न्यू नोएडा का विकास पहले चौड़ी और प्रमुख सड़कों के किनारे शुरू किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे और हवाई अड्डे से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद न्यू नोएडा निवेशकों और उद्योगों के लिए बड़ा आकर्षण बन सकता है। बेहतर सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और तेज परिवहन व्यवस्था क्षेत्र में जमीन और संपत्तियों की मांग को भी बढ़ावा देंगी।
न्यू नोएडा को उत्तर प्रदेश के अगले प्रमुख आर्थिक, औद्योगिक और स्मार्ट सिटी केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है, जो भविष्य में राज्य की विकास यात्रा को नई गति दे सकता है।
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