राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने राजस्थान के नीमराना में वर्ष 2024 में हुए होटल फायरिंग मामले में दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ये दोनों आरोपी कथित तौर पर प्रतिबंधित खालिस्तान टेररिस्ट फोर्स (केटीएफ) से जुड़े आतंकी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला के लिए काम कर रहे थे। एनआईए के अनुसार, ये आरोपी इस मामले में मुख्य शूटर बताए जा रहे हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पुनीत और नरेंद्र लल्ली के रूप में हुई है। जांच एजेंसी ने बताया कि दोनों ने नीमराना स्थित हाईवे किंग होटल पर फायरिंग की थी। इस हमले का उद्देश्य होटल मालिकों को डराकर उनसे “सुरक्षा” के नाम पर रंगदारी वसूलना था। एनआईए का कहना है कि यह घटना संगठित आपराधिक नेटवर्क और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी हुई है।
एनआईए की जांच में सामने आया है कि इस फायरिंग की साजिश विदेश में बैठे आतंकी अर्श डल्ला से जुड़ी थी, जो प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान टेररिस्ट फोर्स से संबंधित है। एजेंसी का दावा है कि इस तरह की घटनाओं के जरिए न सिर्फ डर का माहौल बनाया जाता है, बल्कि आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की भी कोशिश की जाती है।
और पढ़ें: प्रेम विवाह को लेकर दो परिवारों में खूनी संघर्ष, युवक के भाई की नाक काटी गई
अब तक इस मामले में कुल नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इससे पहले भी एनआईए ने कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया था। जांच एजेंसी लगातार इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
एनआईए अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और देश की सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे से निपटने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने दोहराया कि आतंक और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
और पढ़ें: फरीदाबाद सामूहिक दुष्कर्म मामला: हरियाणा महिला आयोग ने लिया संज्ञान