राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी मामले में बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने उत्तर भारत के तीन राज्यों बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की।
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई एक ऐसे नेटवर्क की जांच के तहत की गई है, जिस पर विदेशों में मानव तस्करी और साइबर अपराधों से जुड़े गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। जांच एजेंसी संदिग्ध लोगों, उनके संपर्कों और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, कंबोडिया से जुड़े इस मामले में भारतीय नागरिकों को नौकरी और बेहतर अवसरों का लालच देकर विदेश ले जाने और वहां अवैध साइबर गतिविधियों में शामिल करने के आरोपों की जांच की जा रही है। कथित तौर पर पीड़ितों को जबरन ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों में लगाया जाता था।
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एनआईए की टीमों ने छापेमारी के दौरान संदिग्ध ठिकानों से दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री की जांच की। हालांकि, एजेंसी की ओर से अभी तक बरामद सामान या हिरासत में लिए गए लोगों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
मानव तस्करी और साइबर अपराधों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए एनआईए लगातार जांच कर रही है। एजेंसी देश-विदेश में सक्रिय ऐसे गिरोहों की पहचान करने और उनके वित्तीय एवं डिजिटल कनेक्शन की जानकारी जुटाने में लगी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कंबोडिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में साइबर गुलामी से जुड़े मामलों में भारतीय युवाओं को निशाना बनाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इन मामलों में फर्जी नौकरी के ऑफर और आकर्षक पैकेज का लालच देकर लोगों को विदेश भेजा जाता है।
एनआईए अब छापेमारी के दौरान मिले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और इसके तार किन-किन देशों तक जुड़े हुए हैं।
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