केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को बहस और मतदान होगा। संसद का बजट सत्र अवकाश के बाद 9 मार्च से फिर शुरू होगा और 2 अप्रैल तक चलेगा।
रिजिजू ने कहा कि बजट सत्र का दूसरा चरण काफी महत्वपूर्ण और दिलचस्प रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान कई अहम विधेयकों पर चर्चा और पारित होने की संभावना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष पहले चरण की तरह हंगामा जारी रखता है, तो इसका नुकसान अंततः विपक्ष को ही होगा।
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संयुक्त संबोधन से हुई थी और 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया था। सत्र 12 फरवरी को अवकाश पर चला गया था और अब 9 मार्च से दोबारा शुरू होगा। रिजिजू ने बताया कि लोकसभा में पांच मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी, जबकि राज्यसभा में पांच अन्य मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष सदन को चलने नहीं देगा, तो सरकार “गिलोटिन” प्रक्रिया अपनाएगी, जिससे बिना विस्तृत चर्चा के अनुदान मांगों को पारित किया जा सकता है। इस चरण के दौरान पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में भी राजनीतिक माहौल गरम रहने की संभावना है।
पहले चरण में सदन में काफी हंगामा हुआ था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब का हवाला देने से रोका गया था, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब भी नहीं दे पाए थे और बाद में यह प्रस्ताव बिना उनके जवाब के ही पारित हुआ।
विपक्ष ने अध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप लगाया है, जिसके बाद यह अविश्वास प्रस्ताव लाया गया।
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