नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में हुई हिंसा की जांच तेज हो गई है। पुलिस को अब ऐसे सबूत मिले हैं, जो इस घटना के पीछे सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह सिर्फ मजदूरों का विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसमें पहले से योजना बनाकर हिंसा भड़काने की कोशिश की गई थी।
जांच में सामने आया है कि घटना से करीब तीन दिन पहले कई व्हाट्सऐप ग्रुप सक्रिय हो गए थे, जिनमें लोगों को जुटाने और विरोध प्रदर्शन को उग्र बनाने की रणनीति पर चर्चा हो रही थी। इसके अलावा एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इस ऑडियो में कथित तौर पर लोगों को पुलिस के खिलाफ हमला करने के लिए उकसाया जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी एक चैट सामने आई है, जिसमें प्रदर्शनकारियों को “मिर्च पाउडर साथ लाने” की सलाह दी गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि हिंसा की तैयारी पहले से की जा रही थी।
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प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग चेहरे ढककर शामिल हुए थे। ये लोग आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं में शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि ये असली मजदूर नहीं थे, बल्कि भीड़ में घुसकर माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्व थे।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कुछ लोग प्रवासी और ठेका मजदूरों के रूप में भीड़ में शामिल हुए, जिससे असली प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों के बीच फर्क करना मुश्किल हो गया।
अब तक इस मामले में नोएडा पुलिस ने 396 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन ने कहा है कि जांच जारी है और हिंसा में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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