उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-142 में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन 10 मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल पर लगा मचान (स्कैफोल्डिंग) अचानक गिर गया। हादसा करीब सुबह 11 बजे हुआ, जब तीन मजदूर ऊंचाई पर चढ़कर जरूरी काम कर रहे थे। मचान अचानक टूटकर नीचे गिर गया और तीनों मजदूर जमीन पर आ गिरे।
इस दुर्घटना में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा मजदूर चमत्कारिक रूप से बच गया। बताया गया कि तीसरा मजदूर नीचे लगे सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट) में फंस गया, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि उसे भी गंभीर चोटें आई हैं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों और साइट कर्मचारियों ने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो मजदूरों को मृत घोषित कर दिया।
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डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि निर्माणाधीन इमारत के मचान से गिरने के कारण तीन लोग घायल हुए थे, जिनमें से दो की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में दो सुपरवाइजर और ठेकेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार पूरी इमारत नहीं गिरी, बल्कि केवल मचान ढह गया था।
यह हादसा तेजी से बढ़ते निर्माण कार्यों के बीच सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच में यह देखा जा रहा है कि कहीं मचान की खराब गुणवत्ता, निरीक्षण की कमी, अधिक भार या सुरक्षा नियमों की अनदेखी तो हादसे की वजह नहीं बनी। यदि लापरवाही साबित होती है तो बिल्डिंग और अन्य निर्माण श्रमिक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
विशेषज्ञों ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा बेल्ट, नियमित जांच और प्रमाणित उपकरणों के उपयोग को अनिवार्य करने पर जोर दिया है।
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