नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पिछले कुछ दिनों से वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के बाद अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई है। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर आगजनी और पथराव की घटनाएं हुई थीं, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की।
लक्ष्मी सिंह ने बताया कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सरकार के हस्तक्षेप के बाद श्रमिकों की कई प्रमुख मांगें मान ली गईं, जिसके बाद अधिकतर मजदूर वापस काम पर लौट आए हैं।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, कंपनियों ने कई मांगों पर सहमति जताई है, जिनमें वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान और यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों के समाधान के लिए समितियों का गठन शामिल है। इसके अलावा फैक्ट्रियों और कंपनी परिसरों के बाहर संशोधित वेतन संबंधी नोटिस भी लगाए गए हैं, जिससे मजदूरों में भरोसा बढ़ा है।
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पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स हाल ही में बनाए गए थे, जिनका इस्तेमाल मजदूरों को भड़काने और तनाव बढ़ाने के लिए किया गया।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि गिरफ्तार कुछ लोग संबंधित फैक्ट्रियों के नियमित कर्मचारी नहीं थे, बल्कि बाहरी लोग थे जो आंदोलन में शामिल हुए।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि अभी किसी विदेशी लिंक जैसे पाकिस्तान या बांग्लादेश से संबंध की पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे और सामान्य जीवन बहाल हो सके।
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