ओडिशा में धान की खरीद में कथित अव्यवस्था के विरोध में एक किसान संगठन ने 28 जनवरी 2026 (बुधवार) को सुबह से शाम तक ओडिशा बंद का आह्वान किया है। यह बंद नव निर्माण कृषक संगठन (एनकेएस) की ओर से बुलाया गया है। इस 12 घंटे के बंद को कांग्रेस पार्टी ने समर्थन देने की घोषणा की है, जबकि सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने कहा है कि वह किसानों के मुद्दे का समर्थन करता है, लेकिन बंद में भाग नहीं लेगा।
नव निर्माण कृषक संगठन के संयोजक अक्षय कुमार ने कहा कि संगठन लंबे समय से किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहा है। उन्होंने बताया कि किसान संगठनों ने उचित समर्थन मूल्य, किसानों को सम्मान और किसान सुरक्षा भत्ता (पेंशन) की मांग को लेकर लगातार आंदोलन, प्रदर्शन, धरना, सत्याग्रह और ‘जेल भरो’ कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
अक्षय कुमार के अनुसार, इन निरंतर आंदोलनों के दबाव में सरकार को कई जनहितैषी कदम उठाने पड़े, जिनमें ओडिशा सरकार द्वारा प्रति क्विंटल ₹800 की सहायता राशि देना भी शामिल है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर धान की खरीद प्रक्रिया में गंभीर खामियां बनी हुई हैं। किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा, खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था है और बिचौलियों की भूमिका बढ़ती जा रही है।
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किसान संगठन का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था से छोटे और सीमांत किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इसी के विरोध में राज्यव्यापी बंद का निर्णय लिया गया है, ताकि सरकार पर दबाव बनाकर धान खरीद व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
कांग्रेस ने बंद का समर्थन करते हुए कहा कि किसानों की मांगें जायज हैं और सरकार को उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए। वहीं, बीजद ने स्पष्ट किया कि वह किसानों के हितों के साथ खड़ा है, लेकिन राजनीतिक या संगठनात्मक कारणों से बंद में शामिल नहीं होगा।
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