लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित विधायकों से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए संवाद, नवाचार और जनहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधि केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र का ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी, स्वस्थ चर्चा और सकारात्मक विचार-विमर्श पर निर्भर करती है। उन्होंने विधायकों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए रचनात्मक बहस में भाग लेने और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए विधायकों को नई सोच और नवाचार अपनाने की आवश्यकता है। आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देकर शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया है, उस विश्वास पर खरा उतरना हर विधायक की जिम्मेदारी है।
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ओम बिरला ने विधायकों को संसदीय परंपराओं, नियमों और सदन की कार्यवाही के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सदन में शालीनता, अनुशासन और सार्थक चर्चा लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन संवाद के माध्यम से समाधान निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इससे जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास और मजबूत होगा।
यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय प्रक्रियाओं, विधायी कार्यों और प्रभावी जनप्रतिनिधित्व के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
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