इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी के व्यवहार में कथित तौर पर कट्टरपंथ के संकेत दिखाई दिए थे। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर “यहूदियों को मारने” की बात कही थी। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी दावा किया कि आरोपी को इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा के लिए प्रभावित किया गया था। एक सहकर्मी ने बताया कि वह महिलाओं से हाथ मिलाने से इनकार करता था और धार्मिक गतिविधियों के दौरान उसका व्यवहार असामान्य दिखाई देता था। आरोपी करीब आठ महीने से एयरलाइन में काम कर रहा था।
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान कॉकपिट में कथित तौर पर झड़प शुरू हुई। इस दौरान विमान करीब दो मिनट से भी कम समय में लगभग 17,400 फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर आरोपी को काबू करने में मदद की।
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विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के ताबुक में उतारा गया। बाद में आरोपी को सऊदी हिरासत से संयुक्त अरब अमीरात भेज दिया गया।
इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि आरोपी कथित हथियार लेकर कॉकपिट तक कैसे पहुंचा। नेतन्याहू ने जांच के दौरान कई संभावनाओं का उल्लेख किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी का किसी संगठन या देश से संबंध था या नहीं।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, कैप्टन स्मित मच्छार को इलाज के लिए अबू धाबी स्थानांतरित किया गया है। भारतीय दूतावास उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहा है और परिवार के संपर्क में है।
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