गुजरात में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार सुबह 8 बजे तक 568 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 172 पुरुष, 282 महिलाएं और 114 बच्चे शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी बिना वैध दस्तावेजों के राज्य के विभिन्न हिस्सों में रह रहे थे।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि राज्य की सुरक्षा और शांति के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध घुसपैठ और गैरकानूनी रूप से बसने वाले लोगों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
राज्य सरकार के अनुसार, सभी जिलों में पुलिस टीमें लगातार तलाशी अभियान और दस्तावेज सत्यापन का कार्य कर रही हैं। साथ ही उन नेटवर्कों की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने इन लोगों को भारत में प्रवेश दिलाने, बसाने और रोजगार उपलब्ध कराने में मदद की हो सकती है।
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पुलिस ने कहा कि आव्रजन कानूनों और अन्य कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नियंत्रण के लिए चलाया जा रहा है।
इससे पहले गुरुवार को अधिकारियों ने बताया था कि पिछले दो दिनों में 501 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया था। हर्ष संघवी ने गांधीनगर में कहा कि यह अभियान पूरी योजना और तकनीकी निगरानी के साथ राज्यभर में चलाया गया। पुलिस 6,200 से अधिक लोगों की पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है। इसके अलावा ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है जिन्होंने बिना पुलिस सत्यापन के इन प्रवासियों को आश्रय या रोजगार दिया।
पुलिस के अनुसार, अधिकांश अवैध प्रवासी मजदूरी कार्यों में लगे हुए थे और उनकी सबसे अधिक मौजूदगी अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा और भरूच में पाई गई।
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