कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत में थल सेना के साथ-साथ भारतीय वायुसेना की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही थी। इसी अभियान के तहत भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर चलाया था, जिसने दुर्गम पहाड़ियों पर बैठे पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया और युद्ध का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
26 मई 1999 को शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य कारगिल क्षेत्र में भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय को हवाई सहायता देना था। उस समय पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कारगिल सेक्टर में उन रणनीतिक चोटियों पर कब्जा कर लिया था, जहां से वे राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-1A पर नजर रख सकते थे।
18 हजार फीट की ऊंचाई पर चुनौतीपूर्ण अभियान
ऑपरेशन सफेद सागर भारतीय वायुसेना के लिए बेहद कठिन मिशन था। करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई, कम ऑक्सीजन, खराब मौसम और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार न करने के सख्त निर्देशों के बीच वायुसेना को बेहद सटीक हमले करने थे। बर्फ से ढके इलाके में चलाए गए इस अभियान को इसी वजह से ‘सफेद सागर’ नाम दिया गया था।
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शुरुआती दिनों में भारतीय सेना को कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में रणनीति में बदलाव किया गया। जून 1999 में भारतीय वायुसेना ने मिराज-2000 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करते हुए दुश्मन के बंकरों, कमांड पोस्ट और हथियारों के भंडार पर सटीक बमबारी की।
मिराज-2000 ने बदला युद्ध का रुख
मिराज-2000 विमानों द्वारा टाइगर हिल, तोलोलिंग और अन्य महत्वपूर्ण चोटियों पर किए गए हमलों ने पाकिस्तानी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया। इन हमलों से भारतीय सेना को आगे बढ़ने में बड़ी मदद मिली और कारगिल की चोटियों को वापस हासिल करने का रास्ता आसान हुआ।
ऑपरेशन सफेद सागर ने साबित किया कि भारतीय वायुसेना कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सटीक और प्रभावी सैन्य अभियान चला सकती है। इस अभियान ने भारत की प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हवाई युद्ध क्षमता को नई पहचान दी।
कारगिल विजय दिवस पर वीरों को नमन
भारत हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाता है। यह दिन 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत और शहीद जवानों के बलिदान की याद दिलाता है। करीब दो महीने तक चले कारगिल युद्ध के बाद 26 जुलाई 1999 को भारत ने विजय हासिल की थी।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर सैनिकों के शौर्य को नमन किया, वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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