राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार (29 अगस्त 2025) को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को आतंकवाद के खिलाफ मानवता की लड़ाई का “स्वर्णिम अध्याय” बताया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने आतंकवादियों के अड्डों को पूरी तरह नष्ट कर भारत पर हमले की उनकी कोशिशों को विफल कर दिया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के योगदान की भी सराहना की, जिन्होंने स्वदेशी आकाशतीर वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग प्रणाली (Akashteer Air Defence Control and Reporting System) का निर्माण किया। यह प्रणाली भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष में निर्णायक साबित हुई।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि जब देश के वैज्ञानिक, रक्षा विशेषज्ञ और उद्योग एकजुट होकर काम करते हैं, तो भारत न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा कर सकता है, बल्कि आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने में भी सक्षम है। राष्ट्रपति के अनुसार, आकाशतीर प्रणाली ने न केवल सैन्य क्षमताओं को मजबूत किया, बल्कि भारतीय सेना को रियल-टाइम खुफिया और बेहतर समन्वय की सुविधा भी प्रदान की।
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राष्ट्रपति ने कहा कि इस अभियान ने यह संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सीमाओं पर लड़ी जाने वाली जंग नहीं है, बल्कि यह मानवता की रक्षा के लिए चलाया गया अभियान है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आने वाले वर्षों में भारत अपने रक्षा क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर बनेगा और आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के प्रयास और तेज़ होंगे।
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