ब्रिटेन में मंगलवार को हवाई यात्रा व्यवस्था अचानक चरमरा गई। देश की एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्रणाली में तकनीकी खराबी के कारण लंदन के हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड समेत कई प्रमुख हवाई अड्डों पर 600 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। फ्लाइटरडार24 के अनुसार, कम से कम 625 उड़ानें रद्द की गईं और यह संख्या लगातार बढ़ती रही।
इस व्यवधान से ईज़ीजेट, ब्रिटिश एयरवेज, केएलएम, यूरोविंग्स और रयानएयर समेत कई एयरलाइंस प्रभावित हुईं। तकनीकी समस्या नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (नैट्स) के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में सामने आई। नैट्स ने पहले उड़ानों के प्रस्थान को प्रभावित करने वाली तकनीकी समस्या की जांच की और बाद में पुष्टि की कि खराबी उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में थी।
इंजीनियरों ने समस्या को ठीक करने के लिए तत्काल काम किया। बाद में नैट्स ने बताया कि समाधान लागू कर दिया गया है और सिस्टम धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। हालांकि, बड़ी संख्या में उड़ानों के लंबित होने के कारण सामान्य समय-सारिणी बहाल होने में कई घंटे लग सकते हैं।
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हीथ्रो, गैटविक, स्टैनस्टेड और लंदन सिटी सबसे ज्यादा प्रभावित हवाई अड्डों में रहे। मैनचेस्टर, बर्मिंघम, ल्यूटन, एडिनबर्ग, ग्लासगो और एबरडीन में भी उड़ानों पर असर पड़ा। कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को यूरोप के अन्य हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा।
भारत-ब्रिटेन के बीच उड़ानों पर भी इसका असर पड़ा, खासकर हीथ्रो से संचालित सेवाओं पर। यात्रियों को अपनी एयरलाइन की लाइव फ्लाइट स्थिति जांचने और उड़ान की पुष्टि होने पर ही हवाई अड्डे जाने की सलाह दी गई।
रयानएयर ने दावा किया कि उसके 65,000 से अधिक यात्री प्रभावित हुए और नैट्स के मुख्य कार्यकारी मार्टिन रॉल्फ के इस्तीफे की मांग की। एयरलाइन ने कहा कि ऐसी घटनाएं महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की गंभीर कमजोरियों को दर्शाती हैं। नैट्स ने यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उड़ान सेवाओं को पूरी तरह सामान्य करने में समय लगेगा।
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