ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार (14 फरवरी 2026) देर रात तेलंगाना पुलिस से मेदाराम जातरा में एक विक्रेता को कथित तौर पर परेशान करने वाले यूट्यूबर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने इस घटना को कानून के शासन के खिलाफ बताया और कहा कि “फूड जिहाद” के नाम पर समाज में नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है।
ओवैसी ने कहा कि मेदाराम जातरा जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में सभी समुदायों के लोग मिलकर भाग लेते हैं। ऐसे में किसी छोटे विक्रेता को निशाना बनाना और उसे सार्वजनिक रूप से बदनाम करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर विक्रेता पर आरोप लगाए और उसे परेशान किया, जिससे न केवल उसकी आजीविका प्रभावित हुई बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचा।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि कानून और व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है। यदि किसी के पास कोई शिकायत है तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज कराया जाना चाहिए, न कि भीड़ बनाकर किसी को निशाना बनाया जाए। ओवैसी ने पुलिस से मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी कानून को हाथ में लेने की हिम्मत न करे।
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इस घटना ने जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए हैं। कई लोगों ने इस मामले को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि इंटरनेट का उपयोग लोगों को डराने या बदनाम करने के लिए नहीं होना चाहिए। ओवैसी ने अंत में कहा कि तेलंगाना की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि प्रशासन तुरंत कदम उठाए और दोषियों को सजा दिलाए।
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