कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर तीखा पलटवार किया है। रविवार को चिदंबरम ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ कहलाने पर गर्व है।
चिदंबरम की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के एक दिन बाद आई, जिसमें उन्होंने देश में कथित तौर पर व्यवस्था के भीतर जड़ें जमा चुके ‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर चेतावनी दी थी। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया था कि ऐसे लोग नीतियों को प्रभावित और उनमें हेरफेर करके समाज के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
चिदंबरम ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व है।” उनके इस बयान को केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नागरिकों से ऐसे लोगों को पहचानने और उन्हें अलग-थलग करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि देश को ऐसे तत्वों से सतर्क रहने की जरूरत है, जो व्यवस्था में रहकर देश और समाज को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। चिदंबरम की टिप्पणी इसी विवाद की अगली कड़ी मानी जा रही है।
कांग्रेस नेता लंबे समय से केंद्र सरकार की कई नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, भाजपा विपक्ष पर राष्ट्रीय सुरक्षा और सरकार की नीतियों से जुड़े मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना राजनीति करने का आरोप लगाती रही है।
‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर अब राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस जहां इसे सरकार की आलोचना करने वालों को निशाना बनाने वाला बयान बता सकती है, वहीं भाजपा प्रधानमंत्री की टिप्पणी को देश के हितों के खिलाफ काम करने वाले तत्वों के संदर्भ में उचित ठहरा सकती है।
फिलहाल, चिदंबरम के बयान ने प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है।
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