जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास एक पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद भारतीय सेना ने उस पर फायरिंग की। अधिकारियों के अनुसार, यह ड्रोन सोमवार देर रात मेंढर सेक्टर के बालाकोट क्षेत्र में भारतीय अग्रिम चौकियों के ऊपर उड़ता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद सेना ने तत्काल कार्रवाई की।
जानकारी के मुताबिक, ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। इसे देखते ही एलओसी पर तैनात सैनिकों ने लगभग नौ राउंड फायरिंग की। हालांकि ड्रोन काफी ऊंचाई पर उड़ रहा था, इसलिए उसे मार गिराया नहीं जा सका। कुछ देर तक भारतीय क्षेत्र के ऊपर मंडराने के बाद वह वापस पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की ओर लौट गया।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मंगलवार सुबह सीमावर्ती इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों को आशंका थी कि ड्रोन ने किसी प्रकार का हथियार, विस्फोटक या अन्य संदिग्ध सामग्री गिराई हो सकती है। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
और पढ़ें: व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया, ड्यूटी के दौरान हुआ निधन
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सुरक्षा एजेंसियां एलओसी पर ड्रोन गतिविधियों को लेकर पहले से सतर्क हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन का इस्तेमाल जासूसी, हथियारों की तस्करी, नशीले पदार्थों की आपूर्ति और अन्य सीमा पार गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
इससे पहले 26 मई को कठुआ जिले के हटली क्षेत्र में भी एक ड्रोन बरामद किया गया था। उस समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील केसर ने बताया था कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन को कब्जे में ले लिया था और जांच शुरू की गई थी।
इस बीच, पीओके में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। वहां हालिया हिंसा में 11 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर है। सुरक्षा एजेंसियां भारत-पाक सीमा पर लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं।
और पढ़ें: ऑपरेशन शेरूवाली के दौरान राजौरी में भारतीय सेना के जवान की हादसे में मौत