महाराष्ट्र के पालघर जिले में चार दिन की एक नवजात बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिसके बाद पुलिस ने उसकी मां की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मां के बयान में लगातार विरोधाभास सामने आए हैं।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, नवजात को हाल ही में दहानू उप-जिला अस्पताल लाया गया था, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बताई गई। शुरुआती तौर पर डॉक्टरों को आशंका थी कि किसी जानवर ने बच्ची पर हमला किया है, लेकिन चिकित्सकीय जांच में यह सामने आया कि चोटें ताजा नहीं थीं, जिससे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
पुलिस को सूचना मिलने के बाद उन्होंने बच्ची की मां से पूछताछ की। एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में महिला ने दावा किया कि बच्ची गलती से गिर गई थी। हालांकि बाद में उसने अलग-अलग कारण बताए, जो मेडिकल रिपोर्ट से मेल नहीं खाते। इससे पुलिस का संदेह और गहरा हो गया।
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अधिकारी के अनुसार, चोटों की प्रकृति और समयरेखा से लापरवाही और संभावित रूप से बच्ची को अकेला छोड़े जाने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर बच्ची को बाहर पड़ा देखा और महिला से सवाल किए, जिसके बाद वह बच्ची को वापस लेकर आई। पुलिस को संदेह है कि जब बच्ची को बिना निगरानी के छोड़ा गया था, उसी दौरान आवारा जानवरों ने उस पर हमला किया।
दहानू पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, “हम इस मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखा जा रहा है।”
इस बीच, नवजात बच्ची को बेहतर और उन्नत इलाज के लिए गुजरात के वलसाड स्थित अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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