केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पाम ऑयल भारत में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों के तहत पूरी तरह अनुमत और मानकीकृत खाद्य तेल है। पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में इसके इस्तेमाल को लेकर संसद में पूछे गए सवालों के जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी।
सरकार ने बताया कि स्नैक्स, बिस्कुट, नमकीन और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में पाम ऑयल का इस्तेमाल निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा सकता है। खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले तेल और वसा के लिए एफएसएसएआई ने स्पष्ट मानक और आवश्यक नियम निर्धारित किए हैं।
संसदीय सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जाधव ने कहा कि भारत में खाद्य सुरक्षा मानक वैज्ञानिक राय और स्वतंत्र जोखिम मूल्यांकन के आधार पर तैयार किए जाते हैं। इन मानकों को निर्धारित करने में वैज्ञानिक विशेषज्ञों और संबंधित वैज्ञानिक पैनलों की राय महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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सरकार के अनुसार, खाद्य पदार्थों में किसी भी तेल के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा का आकलन वैज्ञानिक प्रमाणों और निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है। एफएसएसएआई समय-समय पर खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों की समीक्षा भी करता है।
पाम ऑयल का इस्तेमाल दुनिया भर में विभिन्न खाद्य उत्पादों के निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसकी स्थिरता और खाद्य प्रसंस्करण में उपयोगिता के कारण इसका इस्तेमाल स्नैक्स, बिस्कुट, बेकरी उत्पादों और नमकीन सहित कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में किया जाता है।
सरकार ने यह भी संकेत दिया कि किसी खाद्य उत्पाद में इस्तेमाल होने वाला तेल निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को पूरा करता है या नहीं, इसकी निगरानी नियामक व्यवस्था के तहत की जाती है।
केंद्र की ओर से दिए गए जवाब का उद्देश्य पाम ऑयल को लेकर उपभोक्ताओं के बीच मौजूद आशंकाओं को स्पष्ट करना और यह बताना है कि एफएसएसएआई के निर्धारित नियमों के अनुसार इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में कानूनी रूप से किया जा सकता है।
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