झारखंड में हुए राज्यसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है, जहां भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 30 वोट मिले थे, लेकिन दो वोट अमान्य घोषित होने के बाद उनका प्रभावी आंकड़ा 28 वोट रह गया, जो जीत के लिए आवश्यक संख्या के बराबर था।
भाजपा के झारखंड से लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 वोट मिले, जबकि महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि परिमल नथवानी की यह जीत एनडीए की बड़ी राजनीतिक सफलता है।
जीत के बाद परिमल नथवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है क्योंकि वे तीसरी बार झारखंड से राज्यसभा में लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा के साथ झारखंड के विकास और जनता की आकांक्षाओं के लिए काम करेंगे।
और पढ़ें: झारखंड राज्यसभा चुनाव आज: क्या परिमल नथवानी कर पाएंगे बड़ा उलटफेर?
नथवानी ने चुनाव से पहले भी भरोसा जताते हुए कहा था कि उन्हें सभी विधायकों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि कांग्रेस के कुछ विधायकों का भी उन्हें समर्थन मिल सकता है।
इसी चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को भी 31 वोटों के साथ राज्यसभा के लिए चुना गया। इस तरह राज्य के दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा।
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, भाजपा और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने मतदान किया। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चला और मतगणना शाम 5 बजे शुरू हुई।
इस परिणाम को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण और बदल सकते हैं।
और पढ़ें: राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं मीनाक्षी नटराजन, फैसले को बताया पक्षपातपूर्ण