संसद के बजट सत्र का पहला चरण शुक्रवार को समाप्त हो गया। दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—की कार्यवाही को तीन सप्ताह के अवकाश के लिए स्थगित कर दिया गया है। अब संसद की कार्यवाही 9 मार्च से दोबारा शुरू होगी।
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त अधिवेशन को संबोधन के साथ हुई थी। यह सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकों के लिए निर्धारित है और 2 अप्रैल को इसके समापन की योजना है।
सत्र के पहले चरण में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोरदार राजनीतिक बहस देखने को मिली। विशेष रूप से भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके अलावा, पूर्व थलसेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े कथित बयानों को लेकर भी संसद में विवाद गहराया।
और पढ़ें: लोकसभा में बजट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जवाब, बायो-फार्मा और कृषि पर जोर
अवकाश अवधि के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच विभाग संबंधी स्थायी समितियां करेंगी। ये समितियां बजट प्रस्तावों की विस्तार से समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी, जिससे आगामी चरण में बजट पर चर्चा और पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
इसी बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जानकारी दी कि सरकार ने लोकसभा में बजट भाषण के दौरान राहुल गांधी द्वारा जनरल नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का संदर्भ दिए जाने पर प्रस्तावित प्रस्ताव वापस लेने का निर्णय लिया है।
रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह निर्णय भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा लोकसभा में विपक्ष के नेता के खिलाफ लाए गए सारगर्भित प्रस्ताव के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद सरकार लोकसभा अध्यक्ष से परामर्श करेगी कि मामले को विशेषाधिकार समिति या आचार समिति के पास भेजा जाए या फिर सदन में सीधे चर्चा के लिए रखा जाए।
अब सभी की निगाहें 9 मार्च को शुरू होने वाले सत्र के दूसरे चरण पर टिकी हैं, जहां बजट पर विस्तृत चर्चा और विधायी कार्य होने की संभावना है
और पढ़ें: राहुल गांधी पर विशेषाधिकार नोटिस लाएगी सरकार, किरण रिजिजू का बड़ा बयान