संसद के मानसून सत्र में NEET विरोध प्रदर्शन को लेकर पिछले एक सप्ताह से जारी गतिरोध के बाद मंगलवार को दोनों सदनों की कार्यवाही सामान्य रूप से चलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है। इसके बाद सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा होने की संभावना है।
NEET विवाद और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर था, जिसके कारण संसद की कार्यवाही कई दिनों तक बाधित रही। अब सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच चर्चा के बाद लोकसभा में इस विधेयक पर बहस शुरू करने पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रस्तावित विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे का समय निर्धारित किया है। उन्होंने कहा है कि देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए सभी दलों को रचनात्मक तरीके से चर्चा करनी चाहिए।
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यह विधेयक प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किया गया था। विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया था और वे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे थे।
प्रस्तावित संशोधन विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित तरीकों, पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। सरकार का कहना है कि इससे परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जा सकेगा और लाखों छात्रों के हितों की रक्षा होगी।
वहीं विपक्ष का कहना है कि NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर सरकार को जवाब देना चाहिए। संसद में होने वाली चर्चा के दौरान परीक्षा सुधार, पेपर लीक रोकने के उपाय और छात्रों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बहस होने की संभावना है।
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