संसद के मानसून सत्र में सोमवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी दलों के विरोध और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई। इसके बाद दोनों सदनों को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसद की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही समय बाद विपक्षी सांसद अपनी मांगों को लेकर सदन के बीचों-बीच आ गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामे के कारण पीठासीन अधिकारियों को कार्यवाही चलाने में कठिनाई हुई। स्थिति को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करने का फैसला लिया गया।
विपक्ष लगातार कई मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है। इससे पहले भी मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। विपक्षी दलों ने कई मामलों पर सरकार से जवाब मांगते हुए संसद में चर्चा की मांग की है।
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संसद में जारी गतिरोध के कारण कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार जहां अपने प्रस्तावित विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है।
संसदीय परंपरा के अनुसार, सदन में किसी भी विषय पर चर्चा और बहस के लिए शांतिपूर्ण माहौल जरूरी होता है। हालांकि, जब विपक्ष और सरकार के बीच सहमति नहीं बनती है तो अक्सर कार्यवाही बाधित हो जाती है।
अब सभी की नजर दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू होने वाली कार्यवाही पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच कोई सहमति बनती है या फिर संसद में हंगामे का सिलसिला आगे भी जारी रहता है।
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