प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा में संबोधन देंगे। उनके भाषण में पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इज़राइल गठबंधन के बीच बढ़ते संघर्ष के महत्वपूर्ण घटनाक्रम और रणनीतिक पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है। पिछले तीन हफ्तों से यह संघर्ष सीधे सैन्य टकराव में बदल गया है और फिलहाल तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।
रविवार (22 मार्च) को केंद्रीय सुरक्षा समिति (सीसीएस) ने पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और आम जनता की आवश्यक वस्तुओं जैसे भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया। सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध हों।
सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के लिए एक "छत्र कानून" पेश करेंगे। यह कानून बलों के अधिकारियों की भर्ती, पदस्थापन, पदोन्नति और सेवा की अन्य शर्तों को नियंत्रित करेगा। सभी CAPFs — CRPF, BSF, ITBP और SSB — अपने-अपने अधिनियमों के तहत काम करते हैं। इन अधिनियमों के नियम समूह ए सामान्य कर्तव्य अधिकारियों और अन्य अधिकारियों तथा सदस्यों की भर्ती और सेवा की शर्तों को नियंत्रित करते हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी का भाषण और गृह मंत्री का नया कानून पेश करना दोनों ही सत्र की प्रमुख घटनाएं मानी जा रही हैं। इस सत्र पर देश और अंतरराष्ट्रीय राजनीति दोनों की नजरें टिकी हैं।
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