केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और रूसी तेल आयात को लेकर उठ रही अटकलों पर स्पष्ट बयान देते हुए कहा कि सरकार के भीतर किसी भी तरह का मतभेद नहीं है और हर मंत्री अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने दो अलग-अलग मुद्दों को मिलाकर भ्रम पैदा किया है।
एक साक्षात्कार में गोयल ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ किसी तरह के मतभेद की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते की रूपरेखा को लेकर सरकार पूरी तरह स्पष्ट है और अलग-अलग मंत्रालय अपने-अपने विषयों पर काम कर रहे हैं। गोयल ने बताया कि रूसी तेल आयात से जुड़े सवालों का जवाब विदेश मंत्रालय देगा, क्योंकि यह विदेश नीति और रणनीतिक मामलों से जुड़ा विषय है।
किसान संगठनों की चिंताओं पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी और भरोसा दिलाया कि इस समझौते से देश के किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि संवेदनशील कृषि उत्पादों को समझौते से बाहर रखा गया है और किसानों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
और पढ़ें: रूसी तेल खरीद में धीरे-धीरे कटौती करेगा भारत, आयात फिलहाल रहेगा जारी
गोयल ने जोर देकर कहा कि सरकार किसानों और घरेलू उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की व्यापार नीति संतुलित और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और गलत सूचनाओं के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिशों से बचना चाहिए। गोयल ने दोहराया कि व्यापार, विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार एकजुट होकर काम कर रही है।
और पढ़ें: रूसी तेल आयात घटने पर अमेरिका ने भारत को टैरिफ में राहत के संकेत दिए