प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने रविवार को ताशकंद में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल संपर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
वार्ता के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर पहुंचे मोदी की यह मध्य एशियाई देश की चौथी यात्रा है। ताशकंद पहुंचने पर उन्हें औपचारिक स्वागत दिया गया।
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दोनों नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के साझा विकास लक्ष्यों ‘विकसित भारत’ और ‘नया उज्बेकिस्तान’ को आगे बढ़ाने तथा रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने के तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले कहा था कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और भारत प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने का इच्छुक है।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान योग महासंघ द्वारा आयोजित योग सत्र में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान में योग की व्यापक लोकप्रियता है और यह दोनों देशों के लोगों तथा संस्कृतियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मोदी ने यह भी बताया कि उज्बेकिस्तान ने इस वर्ष अहमदाबाद में आयोजित पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप में उत्साहपूर्वक भाग लिया था।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘नया उज्बेकिस्तान पार्क’ का दौरा किया और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ स्वतंत्रता स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने ताशकंद में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। इस दौरान भारतीय समुदाय ने कथक और अंदीजन पोल्का की प्रस्तुतियां दीं। उज्बेक बच्चों ने भारतीय गीत ‘उड़े जब-जब जुल्फें तेरी’ पर नृत्य भी प्रस्तुत किया। मोदी ने तबले और उज्बेकिस्तान के पारंपरिक वाद्य यंत्र दोइरा तथा चांग के फ्यूजन प्रदर्शन का भी आनंद लिया।
उज्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की यात्रा करेंगे, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर झापारोव के निमंत्रण पर होने वाले इस सम्मेलन में एससीओ की 25वीं वर्षगांठ भी मनाई जाएगी।
प्रधानमंत्री सम्मेलन को संबोधित करते हुए ‘सुरक्षा, संपर्क और अवसर’ पर भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे। इसके अलावा वह एससीओ देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे और छठे विश्व खानाबदोश खेलों के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।
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