प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह दौरा दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत को आगे बढ़ाना और व्यापार, निवेश तथा रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देना है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस दौरे की घोषणा करते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में हुए एफटीए समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार, रोजगार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
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इस समझौते के तहत कृषि, निवेश, पर्यटन, खेल, शिक्षा, कौशल विकास और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना है। इससे दोनों देशों के किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, छात्रों और पेशेवरों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने पहले कहा था कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि न्यूजीलैंड भारत में अगले 15 वर्षों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक निवेश बढ़ाने की योजना बना रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे एफटीए वार्ताओं को नई गति मिलेगी और दोनों देशों के बीच राजनीतिक व आर्थिक सहयोग और मजबूत होगा। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को देखते हुए न्यूजीलैंड इसे एक बड़े अवसर के रूप में देख रहा है।
इस दौरे के दौरान दोनों नेताओं के बीच उच्च स्तरीय बातचीत होने की संभावना है, जिसमें व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
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